Home मज़हबी जानिए जहन्नुम के उस दरख़्त(पेड़) के बारे में जिसका एक क़तरा अगर...

जानिए जहन्नुम के उस दरख़्त(पेड़) के बारे में जिसका एक क़तरा अगर दुनिया में गिर जाए तो पूरी दुनिया के इंसान…

1642
0
SHARE

रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्ल्म ने फ़रमाया: अगर ज़क़्क़ूम ( जो जहन्नम का एक दरख्त है, इन्तिहाई कड़वा है इस) का एक कतरा भी दुनिया में टपका दिया जाए, तो उस की कड़वाहट की वजह से तमाम दुनिया वालों का जीना मुशकिल हो जाए,

तो अब बताओ उस जहन्नमी का क्या हाल होगा , जिस की खोराक ज़क़्क़ूम होगी. [तिर्मिज़ी: 2585, अन इब्ने अब्बास रज़ि०] (सिर्फ पांच मिनट का मदरसा, सफा 512)

ये भी पढ़ें…
हज़रत अबू हुरैरा रज़िअल्लाह अन्ह रिवायत करते हैं कि रसूलअल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने इरशाद फ़रमाया: जिस आदमी पर भी अपने (दूसरे मुसलमान) भाई का उसकी इज़्ज़त व आबरू से मुतअल्लिक़ या किसी चीज़ से मुतअल्लिक़ कोई हक़ हो तो उसे आज ही उस दिन के आने से पहले माफ़ करा ले.

जिस दिन न दीनार होंगे, न दिरहम (उस दिन सारा हिसाब नेकियों से होगा लिहाज़ा) अगर उस ज़ुल्म करने वाले के पास कुछ नेकी होंगे तो उसके ज़ुल्म के बकद्र नेकियाँ लेकर मज्लूम को दे दी जाएंगी. अगर उसके पास नेकियाँ नहीं होंगे, तो मज़्लूम के उतने ही गुनाह उस पर डाल दी जाएँगे. (बुखारी)

ये भी पढ़े..
हज़रत इब्न-ए-अब्बास रज़िअल्लाह अन्हु से रिवायत है कि रसूलअल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने इरशाद फ़रमाया: मेरी तरफ निस्बत बयान करने में एहतियात करो, सिर्फ उसी हदीस को बयान करो जिसका हदीस होना तुम्हें मालूम हो.

जिस शख्स ने जान-बूझकर मेरी तरफ ग़लत हदीस मंसूब की उसे अपना ठिकाना दोज़ख में बना लेना चाहिए. जिसने क़ुरआन करीम की तफ़्सीर में अपनी राय से कुछ कहा उसे अपना ठिकाना दोज़ख में बना लेना चाहिए. (तिर्मिज़ी)

हमारा फेसबुक पेज लाइक करने के लिए यहाँ क्लिक करें

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here