Home मुस्लिम जगत शिया-सुन्नी मुसलमानों को आपस में लड़ाने की थी बड़ी साजिश, लेकिन दारूल...

शिया-सुन्नी मुसलमानों को आपस में लड़ाने की थी बड़ी साजिश, लेकिन दारूल उलूम देवबंद ने कर दिया बड़ा खुलासा

2124
0
SHARE

दारुल उलूम देवबंद को अक्सर निशाना बनाया जाता रहा है, खास तौर पर वहाँ के फतवे को लेकर पूरे देश में मुसलमानों के खिलाफ माहौल तैयार किया जाता है. ऐसा ही एक ताज़ा मामला शिया सुन्नी को लेकर एक फतवे से हुआ है. सोशल मीडिया पर एक फतवा वायरल हो रहा है, जिसमें लिखा है कि शिया के यहाँ सुन्नी मुसलमानों को इफ्तार नहीं करना चाहिए.

इस फतवे के आने के बाद शिया व सुन्नी मुसलमानों के बीच एक खाई बन गई. लेकिन अब इस फतवे की हक़ीक़त लोगों के सामने आ रही है. एक बड़े तबके का कहना है कि यह फतवा गलत है, इस तरह का फतवा दारुल उलूम देवबंद से नहीं दिया गया.

दारुल उलूम से नहीं दिया गया फतवा…
लखनऊ ईदगाह ऐशबाग के इमाम मौलाना खालिद रशीद ने इस बारे में कहा है कि दारुल उलूम से इस तरह का फतवा नहीं दिया गया है, यह बे बुनियाद है. इसे किसी तरह अहमियत नहीं देनी चाहिए.

इस फतवे की वजह से खड़ा हुआ बवाल…
आप को बता दें कि हाल ही में आये देवबंद के उस फतवे से बवाल मचा हुआ है जिसमें शिया मुसलमानों की इफ्तार पार्टी में जाने को लेकर सुन्नी मुसलमानों से परहेज करने को कहा गया है. इसी को लेकर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ी हुई है. ऐसे में सोशल मीडिया पर मुस्लिम बुद्धीजीवी इस फतवे को ‘फूट’ डालने वाला करार दे रहे हैं.

यह फतवा पूरी तरह से फर्जी…
इस फतवे पर दोनों मसलक के उलमा का कहना है कि यह फतवा पूरी तरह से फर्जी है. इसे सिर्फ दोनों मसलक के लोगों को लड़ाने के लिए पूरे देश में फैलाया गया है. इस फतवे की कोई हक़ीक़त नहीं है.

दोनों मसलक के उलमा का कहना है कि इस फतवे के पीछे उन लोगों का हाथ है जो दोनों मसलक के लोगों को आपस में लड़ाना चाहते हैं, ऐसे लोगों से सावधान रहने की ज़रूरत है. और इन की बातों में मुसलमानो को नहीं आना चाहिए.

हमारा फेसबुक पेज लाइक करने के लिए यहाँ क्लिक करें

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here